कलेकटर ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने लोगों से किया सहयोग का आव्हान
CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
कलेक्टर भरत यादव ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों में नागरिकों से लगातार सहयोग बनाये रखने का आग्रह करते हुए कहा है कि जिला प्रशासन को कोरोना में लड़ाई के साथ-साथ अब सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के प्रयास भी किये जा रहे हैं । ताकि मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, मजदूरों, व्यापारियों एवं नौकरी-पेशा लोगों की आजीविका की चिंता को दूर किया जा सके । इसके लिए प्रशासन द्वारा कई आर्थिक गतिविधियों को सभी सावधानियों और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शर्तों के साथ प्रारंभ करने की अनुमतियां दी जा रही हैं ।
कलेक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमणों की लड़ाई में लोगों को सकारात्मक वातावरण बनाये रखना होगा । उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है । लेकिन जागरूक और सतर्क रहना होगा । श्री यादव ने लोगों से घर और परिवार के सदस्यों के बीच भी सकारात्मक वातावरण बनाये रखने का आग्रह किया है ।
कलेकटर ने कहा है कि लोग निडर रहे, सतर्क रहें और सभी जरूरी सावधानियां भी बरतें । उन्होंने कहा कि वृद्ध, गर्भवती महिलायें, दस वर्ष से कम आयु के बच्चे, घर से बाहर न निकलें इस ओर विशेष ध्यान देना होगा । श्री यादव ने कंटेनमेंट जोन में नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध भी लोगों से किया । उन्होंने कहा जितना ज्यादा अनुशासित होकर नियमों का पालन करेंगे, उतनी जल्दी कंटेनमेंट की बंदिशें हटाई जा सकेंगी ।
श्री यादव ने बताया कि चाँदनी चौक और गोहलपुर कंटेनमेंट जोन में घर-घर इन्टेंसिव हेल्थ सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है और जल्दी ही सर्वोदय नगर में भी इस काम को पूरा कर लिया जायेगा । उन्होंने बताया कि इन्टेंसिव हेल्थ सर्वे के दौरान चाँदनी चौक कंटेनमेंट जोन के चिन्हित हाईरिस्क व्यक्तियों के लिये दूसरे स्थानों पर क्वारेंटीन सेंटर भी बनाये गये हैं । जबकि बीमार लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के प्रयास किये जा रहे है । उन्होंने क्षेत्र के जिम्मेदार नागरिकों से भी इस काम में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है ।
श्री यादव ने कहा कि ज्यादातर कोरोना पॉजिटिवों को सुखसागर स्थित कोविड केयर सेंटर में उपचार हेतु रखने का फैसला प्रशासन ने लिया है । मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अब केवल कोरोना के सीरियस मरीजों को ही उपचार हेतु रखा जायेगा । ताकि यहां अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का इलाज भी किया जा सकेगा । उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों एवं अन्य नगरीय निकायों में स्थित शासकीय अस्पतालों में इलाज एवं टीकाकरण जैसी सुविधाओं को सुचारू बनाने के हैं । प्राइवेट अस्पतालों एवं क्लीनिक भी खुलें और वहां भी लोगों का इलाज हो इसके भी प्रयास किये जा रहे हैं ।
एक टिप्पणी भेजें